
चंगु लाल एक दिन अपने आप ही घर की ट्यूब लाईट ठीक कर रहा था, तो उसने आवाज़ लगाई. चंगु लाल : बीवी ओ बीवी, सुनती हो! बीवी : क्या है? चंगु लाल : अरे जरा इधर तो आ. बीवी : लो आ गई, बोलो. चंगु लाल : ये दो तारें है, इनमें से जरा कोई एक पकड़. बीवी : क्यों...
हास्य मनोरंजन और कुछ पुराने अख़बार की कतरने!
पिक क्रेडिट - pixabay मेरी प्यारी रचना, सदा प्रकाशित रहो, पिछले सप्ताह मैके से भेजा हुआ तुम्हारा हस्तलिखित प्रेम पत्र प्राप्त हुआ,...