बुधवार, 7 नवंबर 2018

आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

Happy Deepawali festival of lights.
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रोशनी के पर्व दीपावली की आप सबको मेरी तरफ से सहृदय शुभकामनाएं।
मित्रों हर वर्ष हम दीपावली मनाते है और क्यों मनाते है ये भी हम सबको पता है, लेकिन क्या सब ये जानते हैं की अपने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी दीपावली पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।

गुयाना, फिजी, मलेशिया, नेपाल, मॉरिशियस, म्यांमार, सिंगापूर, श्रीलंका, ब्रिटेन, इंडोनेशिया, जापान, थाईलेंड, अफ्रीका और आस्ट्रेलिया में दीपावली पर्व मनाया जाता है। उन सभी देशों में जहाँ हिन्दू धर्म को मानने और पसंद करने वाले हैं, इसे मनाते हैं। मॉरिशियस में 80% से अधिक लोग दिवाली मनाते हैं। यहाँ चावल बनाकर गाय को खिलाया जाता है और उन्हें लक्ष्मी जी के रूप में देखा जाता है। मलेशिया में इसे हरी दिवाली के नाम से जाना जाता है। तेल से नहाने की परम्परा यहाँ दिवाली को निभाई जाती है।

म्यांमार में दीपावली हमारे देश की तरह ही मनाई जाती है नाच-गानों के कार्यक्रम और रोशनी की चकाचौंध में डूबकर लोग इसे मनाते हैं। गुआवा में इस दिन को मेल-मिलाप और भाईचारे को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। मिठाइयाँ और तरह-तरह के तोहफे दिए और लिए जाते हैं।

मित्रों एक साल बाद आता है ये खुशियों का त्यौहार पटाखे सम्भलकर चलाए , बच्चों को बड़े पटाखों से दूर ही रखें तो अच्छा है, किसी पड़ोसी या राहगीर को जानबुझकर  तंग ना करें
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लक्ष्मी जी को मेल

माँ लक्ष्मी जरा हमारी सुनना, ई-मेल भेजा है जल्दी से पढना
अमीरों के यहाँ तो रोज दिवाली, गरीबों के घर का भी ध्यान रखना
रावण बहुत है पर राम ना दिखते, धरती पर उनको आने को कहना
मिठाई , पटाखे, नए कपड़ों के लिए, हनुमान जी को भी संदेश करना
परिवार, पड़ोसी और सभी दोस्त चाहे, प्रार्थना हमारी मैया झटपट सुनना

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मंगलवार, 6 नवंबर 2018

बम फटने से ठीक पहले - शब्दकोश पूरा फ़िल्मी है!

filmy fun fact
पिक क्रेडिट - pixabay 
आज पेश है फिल्मो में बम फटने से कुछ देर पहले की स्थिति 

1. हर टाइम बम फटने में कम से कम एक घंटे का समय होगा ताकि नायक उसका पता लगाकर लोगों को बचा सके।


2. बमों के हमेशां बड़े कई रौशनी चमकने वाले, आवाज करने वाले टाइमर होते हैं। विलेन के पास इतना वक्त होता है की इस टाइमर में एक घड़ी जरुर लगा दे ताकि देखते ही पता चल जाए की कितना वक्त बचा है।


3. जैसे ही तार कटेगा टाइमर रुक जायेगा, किन्तु ऐसा तब तक नहीं हो सकेगा जब तक सिर्फ एक ही सेकंड बचा हो।


4. हर तार का रंग अलग होगा ताकि नायक को समझने में आसानी हो कि कौनसा तार काटना है।


5. यदि बम अतत: फट ही जाए, ऐसा स्लो मोशन में होगा, नायक उस समय कैमरे की तरफ ही दौड़ता होगा और विस्फोट उसे स्लो मोशन में उछाल देगा।


6. बम चाहे कितना हि बड़ा क्यों ना हो जब वह फटता है तो, नायक या उसके दोस्त भाग जाएंगे, मरना है तो सिर्फ विलेन।


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हंसते रहिये विद्वानों का कहना है, हंसने से आदमीं स्वस्थ रहता है। अगर आपको मेरा प्रयास अच्छा लगा तो फेसबुक पेज लाइक कीजिये ताजा अपडेट पाने के लिए। धन्यवाद!

सोमवार, 5 नवंबर 2018

हंसने की कोई वजह नहीं होती।

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नमस्कार मित्रों! जैसा की मैंने शीर्षक में लिखा है कि हंसने की कोई वजह नहीं होती, कुछ भी अटपटा सा लगे तो हँसी छूट जाती है। कई बार तो ऐसा होता है की किसी अच्छी बात पर भी हँसी छूट जाती है। 
ऐसे ही बैठे-बैठे मैंने सोचा क्यों ना दो फिल्मों के शीर्षक को आपस में मिला के कुछ हास्य पैदा किया जाए, और मैंने कुछ हद तक कर भी दिया, आप भी आनन्द लें।
प्रथम फिल्म शीर्षक और द्वितीय, तृतीय फिल्म शीर्षक को मिलाकर बोला जाए तो हास्यस्पद स्थिति होगी।
  1. माँ कसम - दुल्हन हम ले जाएंगे - 
  2. हिंदुस्तान की कसम - पाप को जलाकर राख कर दूंगा
  3. मुझसे शादी करोगी - क्योंकि.. मैंने दिल तुझको दिया 
  4. डरना मना है - क्योंकि.. मैं झूठ नहीं बोलता 
  5. बेवफा सनम - मैंने प्यार क्यों किया
  6. दिल ही दिल में - आशिक बनाया आपने 
  7. कौन? - आशिक आवारा
  8. बेटा - इंसाफ कौन करेगा 
  9. आख़री रास्ता - एक ही रास्ता - आन्दोलन 
  10. हमसे ना टकराना - चालबाज
  11. अलबेला - मस्त - इंडियन
  12. चमेली - प्यार तो होना ही था
  13. सबसे बड़ा खिलाडी - शहंशाह 
  14. झील के उस पार - शैतानी इलाका
  15. आज का रावण - भाई
  16. अपने सामने - डुप्लीकेट 
  17. अलबेला - दीवाना - देवदास 
  18. दलाल - बहुबाली
  19. मैं प्रेम की दीवानी हूँ - दिलवाले 
  20. मार्किट - नो एंट्री
  21. पुलिस ऑफिसर - अजय
  22. जंगबाज - धर्मवीर
  23. हीरो - गोपी किशन 
  24. बीस साल बाद - बरसात
  25. डिस्को डांसर - बंगाल टाइगर 
  26. घायल - गैम्बलर
  27. हत्यारा - अनाड़ी
  28. तेरे नाम - तहखाना 
  29. हम आपके हैं कौन - आशिक - अब तक छप्पन 
  30. आवारा पागल दीवाना - दिल 
  31. नाम - मी. नटवरलाल
  32. साजिश - मेरी जंग 
  33. हीरो नम्बर वन - खतरनाक - खिलाड़ी 
  34. चाइना गेट - भुत बंगला 
  35. चिंगारी - शोले - आग - आग ही आग 
  36. बंधन - कच्चे धागे 
  37. गर्लफ्रेंड - डाकू हसीना
  38. विवाह - चलती का नाम गाड़ी
  39. एक रुका हुआ फैसला - कहानी किस्मत की
  40. त्रिदेव - अमर अकबर एंथोनी 
  41. तेरे नाम - राम जाने
  42. राजनीती - घर घर की कहानी 
  43. सरकार - जल बिन मछली नृत्य बिन बिजली
  44. स्वर्ग - घर हो तो ऐसा
  45. दाता - खिलाड़ियों का खिलाड़ी
  46. स्त्री - जय हो
  47. धमाल - चुप चुपके 
  48. फैशन - अंदाज अपना अपना
  49. रोड़ - मंजिल
  50. दस - अब बस!  
मेरा प्रयास अच्छा लगा तो आप भी अपनी तरफ से कमेन्ट में लिखते जाएँ, 
मैं पोस्ट में अपडेट कर दूंगा 
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स्कूल का निरिक्षण - डबल रोल

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एक सरकारी स्कूल का इंस्पेक्शन करने शिक्षा अधिकारी आये हुए थे।  एक कक्षा में आए और बच्चो से पूछा - बच्चों इस क्लास में कौन छात्र एग्जाम में प्रथम आया था?

ये सुनकर मोहन ने हाँथ उठाया।

शिक्षा अधिकारी - वैरी गुड,  और सेकंड कौन आया था?

मोहन ने फिर से हाँथ उठाया।

शिक्षा अधिकारी - अरे! एग्जाम में प्रथम भी तुम ही आये और सेकंड भी तुम्ही आये! ऐसा कैसे हो सकता है?

मोहन - दरअसल सर! फर्स्ट तो सोहन आया था, लेकिन वो बगल के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गया हैं, इसलिए आज स्कूल नहीं आया और मैं उसकी जगह हाजरी दे रहा हूँ।

ये सुनकर शिक्षा अधिकारी आग बबूला हो गए और क्लास टीचर से बोले - ये क्या मास्टर साहब! आपके कक्षा में क्या हो रहा हैं?


मास्टर साहब बोले - दरअसल सर! मैं तो दुसरे कक्षा का क्लास टीचर हूँ, इस कक्षा के क्लास टीचर पास के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गए हैं, इसलिए आज स्कूल नहीं आये इसलिए मैं उनकी जगह ड्यूटी दे रहा हूँ।


शिक्षा अधिकारी गुस्से से वहां से निकले और सीधे पहुंचे प्रिंसिपल साहब के ऑफिस में।

प्रिंसिपल साहब! ये क्या चल रहा हैं? क्लास के लड़के एक दुसरे के जगह अटेंडेंस दे रहे हैं। क्लास टीचर एक दुसरे की जगह पर ड्यूटी कर रहे हैं?


प्रिंसिपल साहब - दरअसल सर! मैं तो वाइस प्रिंसिपल हूँ, इस स्कूल के प्रिंसिपल बगल के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गए हैं, इसलिए आज स्कूल नहीं आये और  मैं उनकी जगह ड्यूटी दे रहा हूँ।

शिक्षा अधिकारी बडबडाते हुए जाने लगे - मैं तो सख्त कार्यवाही करता लेकिन इस जिले के शिक्षा अधिकारी पास के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गए हैं और मैं तो दुसरे जिले का शिक्षा अधिकारी  हूँ। मुझसे क्या मतलब।


(फेसबुक चुटकुले से प्रेरित)
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रविवार, 4 नवंबर 2018

सच्चाई तो ये ही है

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नमस्कार मित्रों, कैसे है आप सब। ये तस्वीर फेसबुक से ली गई है, चुनाव नजदीक है इसलिए वायरल हो रही है। और मुझे भी इस तस्वीर को देखकर 99% सच्चाई नजर आ रही है, क्योंकि हम सब जानते हैं जब चुनाव आते हैं तो सावन के बादलों की तरह नेता लोग उमड़ आते हैं और जैसे ही चुनाव हुआ और वो नेता जीत जाए तो ईद का चाँद बन जाता है। 


मैंने देखा है चुनाव के समय जनता को साम दाम वाली निति से वोट अपने पक्ष में लेते हुए, फिर भी कुर्सी मिलते ही भूल जाते हैं , किए हुए वादे भी किसी रद्दी की टोकरी में चले जाते है। और कुछ अच्छे नेता इन जैसों की वजह से कुर्सी पाने से वंचित रह जाते हैं , आपका क्या कहना है इस बारे में? कमेन्ट में अपने विचार रखें।

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किसका नौकर कौन? - किस्से अकबर बीरबल के।

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जब कभी दरबार में अकबर और बीरबल अकेले होते थे तो कोई ना कोई बात को लेकर बहस छिड़ जाती थी। एक दिन बादशाह अकबर बैंगन की सब्जी की खूब तारीफ कर रहे थे।
और बीरबल भी बादशाह की हां में हां मिला रहे थे। इतना ही नहीं, वह अपनी तरफ से भी दो-चार वाक्य बैंगन की तारीफ में भी कह देते थे।


तभी अचानक बादशाह अकबर के दिल में ख्याल आया कि देखें बीरबल अपनी बात को कहां तक निभा पाते हैं। यह सोचकर बादशाह अकबर ने बीरबल के सामने बैंगन की बुराई करनी शुरू कर दी। बीरबल भी उनकी हां में हां मिलाने लगे कि बैंगन खाने से शारीरिक बीमारियाँ हो जाती हैं, मानसिक कष्ट हो जाता है, इत्यादि।


बीरबल की बात सुनकर बादशाह अकबर हैरान हो गए और बोले- बीरबल! तुम्हारी इस बात का यकीन नहीं किया जा सकता, क्योंकि कभी तुम बैंगन की तारीफ करते हो तो कभी बुराई करते हो। जब हमने इसकी तारीफ की तो तुमने भी इसकी तारीफ की और जब हमने इसकी बुराई की तो तुमने भी इसकी बुराई करनी शुरू कर दी, आखिर ऐसा क्यों?
बीरबल ने नरम लहजे में कहा- बादशाह सलामत! मैं आपका नौकर हूं, बैंगन का नौकर नहीं।


बादशाह अकबर और दरबारी जवाब सुनकर चकित रह गए, क्योंकि बीरबल की हाजिर जवाबी के सब कायल थे।


* अंतर्जाल से साभार।
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