अपने अज्जु भाई की बी एङ पूरी हो गई, समझ नहीं आ रहा था अब वो क्या करें? इसके लिए वे त्यागी साधुओं के पास पहुंचे- आश्रम में पहुंचकर उसने देखा- 7 साधु सात चटाईयों पर सिर्फ कच्छा पहनकर बैठे थे। वे बस बोलते जा रहे थे, जीवन में कुछ भी नहीं है, सबकुछ माया है। अज्जु भाई- महाराजों, मेरी एक समस्या का समाधान करे...