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सोमवार, 5 नवंबर 2018

स्कूल का निरिक्षण - डबल रोल

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पिक क्रेडिट - pixabay

एक सरकारी स्कूल का इंस्पेक्शन करने शिक्षा अधिकारी आये हुए थे।  एक कक्षा में आए और बच्चो से पूछा - बच्चों इस क्लास में कौन छात्र एग्जाम में प्रथम आया था?

ये सुनकर मोहन ने हाँथ उठाया।

शिक्षा अधिकारी - वैरी गुड,  और सेकंड कौन आया था?

मोहन ने फिर से हाँथ उठाया।

शिक्षा अधिकारी - अरे! एग्जाम में प्रथम भी तुम ही आये और सेकंड भी तुम्ही आये! ऐसा कैसे हो सकता है?

मोहन - दरअसल सर! फर्स्ट तो सोहन आया था, लेकिन वो बगल के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गया हैं, इसलिए आज स्कूल नहीं आया और मैं उसकी जगह हाजरी दे रहा हूँ।

ये सुनकर शिक्षा अधिकारी आग बबूला हो गए और क्लास टीचर से बोले - ये क्या मास्टर साहब! आपके कक्षा में क्या हो रहा हैं?


मास्टर साहब बोले - दरअसल सर! मैं तो दुसरे कक्षा का क्लास टीचर हूँ, इस कक्षा के क्लास टीचर पास के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गए हैं, इसलिए आज स्कूल नहीं आये इसलिए मैं उनकी जगह ड्यूटी दे रहा हूँ।


शिक्षा अधिकारी गुस्से से वहां से निकले और सीधे पहुंचे प्रिंसिपल साहब के ऑफिस में।

प्रिंसिपल साहब! ये क्या चल रहा हैं? क्लास के लड़के एक दुसरे के जगह अटेंडेंस दे रहे हैं। क्लास टीचर एक दुसरे की जगह पर ड्यूटी कर रहे हैं?


प्रिंसिपल साहब - दरअसल सर! मैं तो वाइस प्रिंसिपल हूँ, इस स्कूल के प्रिंसिपल बगल के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गए हैं, इसलिए आज स्कूल नहीं आये और  मैं उनकी जगह ड्यूटी दे रहा हूँ।

शिक्षा अधिकारी बडबडाते हुए जाने लगे - मैं तो सख्त कार्यवाही करता लेकिन इस जिले के शिक्षा अधिकारी पास के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गए हैं और मैं तो दुसरे जिले का शिक्षा अधिकारी  हूँ। मुझसे क्या मतलब।


(फेसबुक चुटकुले से प्रेरित)
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शुक्रवार, 2 नवंबर 2018

डीप फ्राइड, डीप फ्राइड।

A Chinese inside the Indian Hotel
पिक क्रेडिट - pixabay


एक चाइनीज जिसे हिन्दी या इंग्लिश अच्छी तरह नहीं आती थी,

भारत आया और एक रेस्टोरेंट में गया।

वेटर मेन्यु लेकर आया और उस चाइनीज को दिया।

चाइनीज ने मेन्यु को ध्यान से देखा और एक नाम पर उंगली रख के बोला -: 'दिस.. दिस.. डीप.. फ्राइड.. डीप फ्राइड.. फ़ास्ट।'

वेटर ने अपना सिर खुजाया और बोला - 'सर कुछ और आर्डर करे, ये हम आपको नहीं दे सकते।'

चाइनीज - 'नो.. दिस.. दिस.. डीप फ्राइड.. डीप फ्राइड..'

वेटर -: 'सॉरी! कुछ और आर्डर करे “

चाइनीज -: 'यु इंडियन !! ओनली दिस,  फ़ास्ट फ़ास्ट।'

कुछ देर से चल रहे इस सिलसिले को देख कर आखिर रेस्टोरेंट का मेनेजर आ गया और वेटर से बोला -: अरे क्या हुआ? क्यों बहस करते हो? जो मांग रहा है उसे दे दो। 


वेटर बोला - मेनेजर सर ! वो, वो मेन्यु के नीचे लिखे आपके नाम पर ऊँगली रख के मांग रहा है -: डीप फ्राइड, डीप फ्राइड, बोले तो दे दू?


मैनेजर अपना सिर खुजलाता चला गया।


(फेसबुक चुटकुले से प्रेरित)
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गुरुवार, 1 नवंबर 2018

नकली नोट का चक्कर

Fuuny Face
पिक क्रेडिट - pixabay

एक आदमी नकली नोट छापता था।
एक दिन गलती से उसने पन्द्रह रूपये का एक नोट छाप दिया,
अब पन्द्रह रूपये का नोट आता तो है नहीं, तो उसने उस नोट को चलाने के बारे में बहुत सोचा -
'शहर में तो सब समझदार लोग होते हैं अगर ये नोट यहाँ चलाने गया तो,
मैं पकड़ा जाऊंगा, हाँ अगर किसी दूर दराज़ के गाँव में गया तो शायद ये चल जाए।'

यह सोच कर वो बहुत दूर बसे एक छोटे से गाँव में गया।
वहां उसने देखा की एक लोहार लोहे की धौकनी में काम कर रहा हैं।


उसने लोहार से कहा - अरे भाई! मेरे एक नोट का छुट्टा कर दो। “
ये कहकर उसने पंद्रह रुपये का नोट आगे बढ़ा दिया।


लोहार ने अपना हाँथ पोंछा और नोट को पकड़ कर ध्यान से देखने लगा,
साथ ही साथ उसने नोट छापने वाले को भी एक नज़र देखा।


उस आदमी की तो हलक सुख गयी, उसे लगा लगता है लोहार ने पकड़ लिया।
लोहार बोला - 'भाई जी! मेरे पास पंद्रह रूपये शायद ना हो, मैं चौदह रूपये दे सकता हूँ।


नोट छापने वाले ने सोचा - अरे चलो मेरा क्या जाता है, चौदह ही सही।
उसने लोहार से कहा - अब पंद्रह मिलते तो अच्छा होता,
लेकिन कोई बात नहीं लाईये चौदह ही दें दें।

लोहार अन्दर गया और बाहर आकर उसको पैसे पकड़ा दिए।

उस आदमी ने गिनना चाहा तो देखा - सात-सात रूपये के दो नोट हैं।
बिना कुछ कहे वो वहां से चला गया।

(फेसबुक चुटकुले से प्रेरित)

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बुधवार, 24 अक्तूबर 2018

इसके दहेज में पांच लाख क्यों?

Surprise
पिक क्रेडिट - pixabay

एक आदमीं के शादी के लायक चार बेटियां थी। जिसके लिए वो लडकों की तलाश में था। एक रोज ऐसा सम्भावित दामाद उसके घर आया तो उसने उसको अपनी चारों लडकियाँ दिखाई।

    "ये कमला है।"  - वो बोला - "जरा काली है।" मैं इसके दहेज के बदले में बीस हजार            रूपये नकद दूंगा।
    "ये विमला है।" - जरा भैंगी  है। इसके दहेज में पचास हजार रूपये दूंगा।
    "ये कांता है।" - जरा लंगड़ी है। मैं इसके दहेज में एक लाख रुपया दूंगा।
     ..... ये पूनम है। इसके दहेज में मैं पांच लाख रूपये दूंगा।

लड़का चौंका।
उसने देखा कि पूनम चारों बहनों में सबसे ज्यादा खुबसूरत थी और अपनी बहनों की तरह भैंगी, लंगड़ी वगेरह भी नहीं थी।
       "जनाब!" - वो हैरानी से बोला - "इसके दहेज में पांच लाख क्यों?"
       "ये" - जवाब मिला, "जरा-सी  गर्भवती है"

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शनिवार, 20 अक्तूबर 2018

नेताजी का भाषण।

politician speech
पिक क्रेडिट - pixabay 

बुधसिंह नाम के एक निपट गंवार और कतई अनपढ़ सज्जन एक सुरक्षित सीट पर चुनाव में खड़े हो गये। एक बार उनको उनके हिमायतियों की तरफ से कहा गया कि वे स्टेज पर भाषण दें। 

"मैंने कभी भाषण नहीं दिया।" - बुधसिंह जी घबराकर बोले - "मैं भाषण में क्या कहूँगा?"
"अरे कुछ भी कह देना।" - उन्हें राय दी गई - "एक बार बोलना शुरू करोगे तो देख लेना अपने आप बात में से बात निकलती जाएगी।"

बुधसिंह जी को ये बात जँच गई। वे भाषण देने के लिए स्टेज पर पहुंचे। उन्होंने जो भाषण दिया वह इस प्रकार था --

"भाइयों और बहनों, आप सबको मालूम ही है कि पंडित जवाहर लाल नेहरु हिंदुस्तान के बहुत बड़े नेता हुए हैं। उन्हें गुलाब का फूल बहुत पसंद था। गुलाब से गुलकंद बनती है। गुलकंद खांसी ठीक करती है। खांसी भाइयों और बहनों, हर बीमारी की जड़ होती है। जड़ खरबूजे की लम्बी होती है। खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है। रंग जर्मनी के मशहूर होते हैं। जर्मनी ने कई वार लड़ी थी। वार कई तरह के होते हैं। जैसे सोमवार, मंगलवार, बुधवार और भाइयों और बहनों, मेरा नाम बुधसिंह है, इसलिए आप अपना वोट मुझे ही दें। धन्यवाद!"

===*===*=== अंतर्जाल से साभार ===*===*===

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बुधवार, 17 अक्तूबर 2018

कुता तो बढ़िया है आपका

हिंदी जोक
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एक आदमीं लकड़ी के एक बक्से को रस्सी से बांधे उसे सडक पर घसीटता हुआ चल रहा था। एक सिपाही ने उसे देखा तो उसे उसके दिमाग पर शक हुआ।

सिपाही बोला - जनाब! कुता तो बहुत बढिया है आपका।
वो आदमी तत्काल बोला - ये कुता है क्या? ये तो लकड़ी का बॉक्स है।
सिपाही हड़बड़ाया सा बोला - माफ़ करना जनाब! मैं तो आपको कुछ और ही समझा था।
आदमीं - क्या? पागल!
सिपाही - सोरी।

और सिपाही तत्काल लम्बे डग भरता वहां से चला गया ।

पीछे से उस आदमीं ने बक्से को थपथपाया और बोला "देखा जैकी! कैसा बेवकूफ बनाया साले को।" 

अनर्थकारी वाक्य

अनर्थकारी वाक्य हास्य
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यहाँ पेश है कुछ ऐसे वाक्य जो बोले तो सिर्फ एक बार जाते हैं, लेकिन मतलब दो निकलते हैं।

* डॉक्टर - "लगता है आपने मन भर कर दीपावली की मिठाईयां खाई है।"
(तभी तो पेट खाली है।)

* राजू - "जर माचिस दिखाना, पटाखे में आग लगनी है।"
(क्या माचिस दिखाने भर से पटाखे में आग लग जाती है?)

* रानी - "मैंने दीवाली की सारी मिठाईयां पोस्टमेन के तेल से बनाई है।"
(तेल किसका था? सच-सच बताओ।)

* राजू, राका से - "पटाखे की आवाजें मेरा कान खा रही है।"
(कौनसा बायाँ या ...?)

* रमेश - "वह देखो, दीवाली पर वह स्पेशल रेलगाड़ी जा रही है।"
(रेल को गाड़ने के लिए कितना बड़ा गड्ढा खोदा गया?)

रविवार, 16 फ़रवरी 2014

इंडियन रॉक्स



 एक हवाई जहाज में चार-पांच पैग पीने के बाद.....

ब्रिटिश बैरी >> अब मैं सोने जा रहा हूँ।

अमेरिकन जैक >> मैं अपने ऑफिस का काम निबटाने जा रहा हूँ।

जर्मन झवांग >> मैं अभी फिल्म देखूंगा।

सोमवार, 23 दिसंबर 2013

एक चटाई और


एक चटाई और


अपने अज्जु भाई की बी एङ
पूरी हो गई, समझ नहीं आ रहा था अब
वो क्या करें?
इसके लिए वे त्यागी साधुओं के पास पहुंचे-
आश्रम में पहुंचकर उसने देखा- 7 साधु सात
चटाईयों पर सिर्फ कच्छा पहनकर बैठे थे।
वे बस बोलते जा रहे थे, जीवन में कुछ
भी नहीं है, सबकुछ माया है।
अज्जु भाई- महाराजों, मेरी एक
समस्या का समाधान करें।

शनिवार, 28 सितंबर 2013

करंट दुसरी तार में है!

 
करंट दुसरी तार में है!
चंगु लाल एक दिन अपने आप ही घर की ट्यूब लाईट  ठीक कर रहा था, तो उसने आवाज़ लगाई.
चंगु लाल : बीवी ओ बीवी, सुनती हो!
बीवी : क्या है?
चंगु लाल : अरे जरा इधर तो आ.
बीवी : लो आ गई, बोलो.
चंगु लाल : ये दो तारें है, इनमें से जरा कोई एक पकड़.
बीवी : क्यों?

शुक्रवार, 27 सितंबर 2013

अभी तो हम बच्चे हैं!

हिंदी जोंक
पिक क्रेडिट - pixabay



ये बात सुनके मेरे हाथो से गोल गप्पा ही गिर गया!
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जब गोल गप्पे वाले ने कहा, `प्लीज़, हमारे फेसबुक पेज पर अपना फीडबैक ज़रूर देना!`

ये तो उल्टा हो गया !



एक लड़की की पांच करोड़ की लॉटरी निकली। कंपनी ने
सोचा कि अचानक बताएंगे तो लड़की खुशी से मर सकती है....
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उन्होंने यह काम चम्पू को दिया और कहा कि लड़की को कुछ
इस तरह बताना कि वो खुशी से मर ना जाए।
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चम्पू ने जाकर उस लड़की को कहा- मान लो आपको पांच करोड़
का इनाम निकले तो क्या करोगी...?
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लड़की - आपके सामने डांस करूंगी, आपसे प्यार करूंगी, आपसे
शादी कर लूंगी, यही नहीं... आधा इनाम भी आपको दे दूंगी।
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यह सुनकर चम्पू खुशी से मर गया।