रविवार, 4 नवंबर 2018

किसका नौकर कौन? - किस्से अकबर बीरबल के।

akbar birbal motivational short stories in hindi.
पिक क्रेडिट - pixabay

जब कभी दरबार में अकबर और बीरबल अकेले होते थे तो कोई ना कोई बात को लेकर बहस छिड़ जाती थी। एक दिन बादशाह अकबर बैंगन की सब्जी की खूब तारीफ कर रहे थे।
और बीरबल भी बादशाह की हां में हां मिला रहे थे। इतना ही नहीं, वह अपनी तरफ से भी दो-चार वाक्य बैंगन की तारीफ में भी कह देते थे।


तभी अचानक बादशाह अकबर के दिल में ख्याल आया कि देखें बीरबल अपनी बात को कहां तक निभा पाते हैं। यह सोचकर बादशाह अकबर ने बीरबल के सामने बैंगन की बुराई करनी शुरू कर दी। बीरबल भी उनकी हां में हां मिलाने लगे कि बैंगन खाने से शारीरिक बीमारियाँ हो जाती हैं, मानसिक कष्ट हो जाता है, इत्यादि।


बीरबल की बात सुनकर बादशाह अकबर हैरान हो गए और बोले- बीरबल! तुम्हारी इस बात का यकीन नहीं किया जा सकता, क्योंकि कभी तुम बैंगन की तारीफ करते हो तो कभी बुराई करते हो। जब हमने इसकी तारीफ की तो तुमने भी इसकी तारीफ की और जब हमने इसकी बुराई की तो तुमने भी इसकी बुराई करनी शुरू कर दी, आखिर ऐसा क्यों?
बीरबल ने नरम लहजे में कहा- बादशाह सलामत! मैं आपका नौकर हूं, बैंगन का नौकर नहीं।


बादशाह अकबर और दरबारी जवाब सुनकर चकित रह गए, क्योंकि बीरबल की हाजिर जवाबी के सब कायल थे।


* अंतर्जाल से साभार।
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