बुधवार, 7 नवंबर 2018

आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

Happy Deepawali festival of lights.
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रोशनी के पर्व दीपावली की आप सबको मेरी तरफ से सहृदय शुभकामनाएं।
मित्रों हर वर्ष हम दीपावली मनाते है और क्यों मनाते है ये भी हम सबको पता है, लेकिन क्या सब ये जानते हैं की अपने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी दीपावली पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।

गुयाना, फिजी, मलेशिया, नेपाल, मॉरिशियस, म्यांमार, सिंगापूर, श्रीलंका, ब्रिटेन, इंडोनेशिया, जापान, थाईलेंड, अफ्रीका और आस्ट्रेलिया में दीपावली पर्व मनाया जाता है। उन सभी देशों में जहाँ हिन्दू धर्म को मानने और पसंद करने वाले हैं, इसे मनाते हैं। मॉरिशियस में 80% से अधिक लोग दिवाली मनाते हैं। यहाँ चावल बनाकर गाय को खिलाया जाता है और उन्हें लक्ष्मी जी के रूप में देखा जाता है। मलेशिया में इसे हरी दिवाली के नाम से जाना जाता है। तेल से नहाने की परम्परा यहाँ दिवाली को निभाई जाती है।

म्यांमार में दीपावली हमारे देश की तरह ही मनाई जाती है नाच-गानों के कार्यक्रम और रोशनी की चकाचौंध में डूबकर लोग इसे मनाते हैं। गुआवा में इस दिन को मेल-मिलाप और भाईचारे को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। मिठाइयाँ और तरह-तरह के तोहफे दिए और लिए जाते हैं।

मित्रों एक साल बाद आता है ये खुशियों का त्यौहार पटाखे सम्भलकर चलाए , बच्चों को बड़े पटाखों से दूर ही रखें तो अच्छा है, किसी पड़ोसी या राहगीर को जानबुझकर  तंग ना करें।
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लक्ष्मी जी को मेल

माँ लक्ष्मी जरा हमारी सुनना, ई-मेल भेजा है जल्दी से पढना।
अमीरों के यहाँ तो रोज दिवाली, गरीबों के घर का भी ध्यान रखना।
रावण बहुत है पर राम ना दिखते, धरती पर उनको आने को कहना।
मिठाई , पटाखे, नए कपड़ों के लिए, हनुमान जी को भी संदेश करना।
परिवार, पड़ोसी और सभी दोस्त चाहे, प्रार्थना हमारी मैया झटपट सुनना।

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मंगलवार, 6 नवंबर 2018

बम फटने से ठीक पहले - शब्दकोश पूरा फ़िल्मी है!

filmy fun fact
पिक क्रेडिट - pixabay 
आज पेश है फिल्मो में बम फटने से कुछ देर पहले की स्थिति 

1. हर टाइम बम फटने में कम से कम एक घंटे का समय होगा ताकि नायक उसका पता लगाकर लोगों को बचा सके।


2. बमों के हमेशां बड़े कई रौशनी चमकने वाले, आवाज करने वाले टाइमर होते हैं। विलेन के पास इतना वक्त होता है की इस टाइमर में एक घड़ी जरुर लगा दे ताकि देखते ही पता चल जाए की कितना वक्त बचा है।


3. जैसे ही तार कटेगा टाइमर रुक जायेगा, किन्तु ऐसा तब तक नहीं हो सकेगा जब तक सिर्फ एक ही सेकंड बचा हो।


4. हर तार का रंग अलग होगा ताकि नायक को समझने में आसानी हो कि कौनसा तार काटना है।


5. यदि बम अतत: फट ही जाए, ऐसा स्लो मोशन में होगा, नायक उस समय कैमरे की तरफ ही दौड़ता होगा और विस्फोट उसे स्लो मोशन में उछाल देगा।


6. बम चाहे कितना हि बड़ा क्यों ना हो जब वह फटता है तो, नायक या उसके दोस्त भाग जाएंगे, मरना है तो सिर्फ विलेन।


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सोमवार, 5 नवंबर 2018

हंसने की कोई वजह नहीं होती।

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नमस्कार मित्रों! जैसा की मैंने शीर्षक में लिखा है कि हंसने की कोई वजह नहीं होती, कुछ भी अटपटा सा लगे तो हँसी छूट जाती है। कई बार तो ऐसा होता है की किसी अच्छी बात पर भी हँसी छूट जाती है। 
ऐसे ही बैठे-बैठे मैंने सोचा क्यों ना दो फिल्मों के शीर्षक को आपस में मिला के कुछ हास्य पैदा किया जाए, और मैंने कुछ हद तक कर भी दिया, आप भी आनन्द लें।
प्रथम फिल्म शीर्षक और द्वितीय, तृतीय फिल्म शीर्षक को मिलाकर बोला जाए तो हास्यस्पद स्थिति होगी।
  1. माँ कसम - दुल्हन हम ले जाएंगे - 
  2. हिंदुस्तान की कसम - पाप को जलाकर राख कर दूंगा
  3. मुझसे शादी करोगी - क्योंकि.. मैंने दिल तुझको दिया 
  4. डरना मना है - क्योंकि.. मैं झूठ नहीं बोलता 
  5. बेवफा सनम - मैंने प्यार क्यों किया
  6. दिल ही दिल में - आशिक बनाया आपने 
  7. कौन? - आशिक आवारा
  8. बेटा - इंसाफ कौन करेगा 
  9. आख़री रास्ता - एक ही रास्ता - आन्दोलन 
  10. हमसे ना टकराना - चालबाज
  11. अलबेला - मस्त - इंडियन
  12. चमेली - प्यार तो होना ही था
  13. सबसे बड़ा खिलाडी - शहंशाह 
  14. झील के उस पार - शैतानी इलाका
  15. आज का रावण - भाई
  16. आमने सामने - डुप्लीकेट 
  17. अलबेला - दीवाना - देवदास 
  18. दलाल - बहुबाली
  19. मैं प्रेम की दीवानी हूँ - दिलवाले 
  20. मार्किट - नो एंट्री
  21. पुलिस ऑफिसर - अजय
  22. जंगबाज - धर्मवीर
  23. हीरो - गोपी किशन 
  24. बीस साल बाद - बरसात
  25. डिस्को डांसर - बंगाल टाइगर 
  26. घायल - गैम्बलर
  27. हत्यारा - अनाड़ी
  28. तेरे नाम - तहखाना 
  29. हम आपके हैं कौन - आशिक - अब तक छप्पन 
  30. आवारा पागल दीवाना - दिल 
  31. नाम - मी. नटवरलाल
  32. साजिश - मेरी जंग 
  33. हीरो नम्बर वन - खतरनाक - खिलाड़ी 
  34. चाइना गेट - भुत बंगला 
  35. चिंगारी - शोले - आग - आग ही आग 
  36. बंधन - कच्चे धागे 
  37. गर्लफ्रेंड - डाकू हसीना
  38. विवाह - चलती का नाम गाड़ी
  39. एक रुका हुआ फैसला - कहानी किस्मत की
  40. त्रिदेव - अमर अकबर एंथोनी 
  41. तेरे नाम - राम जाने
  42. राजनीती - घर घर की कहानी 
  43. सरकार - जल बिन मछली नृत्य बिन बिजली
  44. स्वर्ग - घर हो तो ऐसा
  45. दाता - खिलाड़ियों का खिलाड़ी
  46. स्त्री - जय हो
  47. धमाल - चुप चुपके 
  48. फैशन - अंदाज अपना अपना
  49. रोड़ - मंजिल
  50. दस - अब बस!  
मेरा प्रयास अच्छा लगा तो आप भी अपनी तरफ से कमेन्ट में लिखते जाएँ, 
मैं पोस्ट में अपडेट कर दूंगा। 
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स्कूल का निरिक्षण - डबल रोल

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एक सरकारी स्कूल का इंस्पेक्शन करने शिक्षा अधिकारी आये हुए थे।  एक कक्षा में आए और बच्चो से पूछा - बच्चों इस क्लास में कौन छात्र एग्जाम में प्रथम आया था?

ये सुनकर मोहन ने हाँथ उठाया।

शिक्षा अधिकारी - वैरी गुड,  और सेकंड कौन आया था?

मोहन ने फिर से हाँथ उठाया।

शिक्षा अधिकारी - अरे! एग्जाम में प्रथम भी तुम ही आये और सेकंड भी तुम्ही आये! ऐसा कैसे हो सकता है?

मोहन - दरअसल सर! फर्स्ट तो सोहन आया था, लेकिन वो बगल के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गया हैं, इसलिए आज स्कूल नहीं आया और मैं उसकी जगह हाजरी दे रहा हूँ।

ये सुनकर शिक्षा अधिकारी आग बबूला हो गए और क्लास टीचर से बोले - ये क्या मास्टर साहब! आपके कक्षा में क्या हो रहा हैं?


मास्टर साहब बोले - दरअसल सर! मैं तो दुसरे कक्षा का क्लास टीचर हूँ, इस कक्षा के क्लास टीचर पास के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गए हैं, इसलिए आज स्कूल नहीं आये इसलिए मैं उनकी जगह ड्यूटी दे रहा हूँ।


शिक्षा अधिकारी गुस्से से वहां से निकले और सीधे पहुंचे प्रिंसिपल साहब के ऑफिस में।

प्रिंसिपल साहब! ये क्या चल रहा हैं? क्लास के लड़के एक दुसरे के जगह अटेंडेंस दे रहे हैं। क्लास टीचर एक दुसरे की जगह पर ड्यूटी कर रहे हैं?


प्रिंसिपल साहब - दरअसल सर! मैं तो वाइस प्रिंसिपल हूँ, इस स्कूल के प्रिंसिपल बगल के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गए हैं, इसलिए आज स्कूल नहीं आये और  मैं उनकी जगह ड्यूटी दे रहा हूँ।

शिक्षा अधिकारी बडबडाते हुए जाने लगे - मैं तो सख्त कार्यवाही करता लेकिन इस जिले के शिक्षा अधिकारी पास के गाँव में T20 क्रिकेट मैच देखने गए हैं और मैं तो दुसरे जिले का शिक्षा अधिकारी  हूँ। मुझसे क्या मतलब।


(फेसबुक चुटकुले से प्रेरित)
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रविवार, 4 नवंबर 2018

सच्चाई तो ये ही है

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नमस्कार मित्रों, कैसे है आप सब। ये तस्वीर फेसबुक से ली गई है, चुनाव नजदीक है इसलिए वायरल हो रही है। और मुझे भी इस तस्वीर को देखकर 99% सच्चाई नजर आ रही है, क्योंकि हम सब जानते हैं जब चुनाव आते हैं तो सावन के बादलों की तरह नेता लोग उमड़ आते हैं और जैसे ही चुनाव हुआ और वो नेता जीत जाए तो ईद का चाँद बन जाता है। 


मैंने देखा है चुनाव के समय जनता को साम दाम वाली निति से वोट अपने पक्ष में लेते हुए, फिर भी कुर्सी मिलते ही भूल जाते हैं , किए हुए वादे भी किसी रद्दी की टोकरी में चले जाते है। और कुछ अच्छे नेता इन जैसों की वजह से कुर्सी पाने से वंचित रह जाते हैं , आपका क्या कहना है इस बारे में? कमेन्ट में अपने विचार रखें।

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किसका नौकर कौन? - किस्से अकबर बीरबल के।

akbar birbal motivational short stories in hindi.
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जब कभी दरबार में अकबर और बीरबल अकेले होते थे तो कोई ना कोई बात को लेकर बहस छिड़ जाती थी। एक दिन बादशाह अकबर बैंगन की सब्जी की खूब तारीफ कर रहे थे।
और बीरबल भी बादशाह की हां में हां मिला रहे थे। इतना ही नहीं, वह अपनी तरफ से भी दो-चार वाक्य बैंगन की तारीफ में भी कह देते थे।


तभी अचानक बादशाह अकबर के दिल में ख्याल आया कि देखें बीरबल अपनी बात को कहां तक निभा पाते हैं। यह सोचकर बादशाह अकबर ने बीरबल के सामने बैंगन की बुराई करनी शुरू कर दी। बीरबल भी उनकी हां में हां मिलाने लगे कि बैंगन खाने से शारीरिक बीमारियाँ हो जाती हैं, मानसिक कष्ट हो जाता है, इत्यादि।


बीरबल की बात सुनकर बादशाह अकबर हैरान हो गए और बोले- बीरबल! तुम्हारी इस बात का यकीन नहीं किया जा सकता, क्योंकि कभी तुम बैंगन की तारीफ करते हो तो कभी बुराई करते हो। जब हमने इसकी तारीफ की तो तुमने भी इसकी तारीफ की और जब हमने इसकी बुराई की तो तुमने भी इसकी बुराई करनी शुरू कर दी, आखिर ऐसा क्यों?
बीरबल ने नरम लहजे में कहा- बादशाह सलामत! मैं आपका नौकर हूं, बैंगन का नौकर नहीं।


बादशाह अकबर और दरबारी जवाब सुनकर चकित रह गए, क्योंकि बीरबल की हाजिर जवाबी के सब कायल थे।


* अंतर्जाल से साभार।
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शनिवार, 3 नवंबर 2018

मेरे बेटे को छोड़ने का क्या लोगी?

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संवाद घिसा-पिटा 

आमिर बाप का लड़का किसी गरीब लड़की से प्यार करने लगा है। अमीर बाप गरीब लड़की के पास जाता है और कहता है, " मेरे बेटे को छोड़ने का क्या लोगी?" कई अमीर बाप नोटों की गड्डियां लेकर प्यार का सौदा करने निकले, लेकिन हर बार असफल होकर लौटे। अपनी बेइज्जती करवाई सो करवाई, नोटों की गड्डियों की भी बेइज्जती करवा डाली। 

कोई होंशियार छोकरी हो, तो छोकरे को कांफिडेंस में लेकर पहले तो बूढ़े से पांच-दस लाख झटक ले, फिर बोल दे कि "मैंने तेरे छोकरे को छोड़ दिया है। तेरा छोकरा इच मेरे को नहीं छोड़ रहा है। बोल क्या करने का?" तभी इस डायलॉग से पीछा छूटेगा।  

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शुक्रवार, 2 नवंबर 2018

डीप फ्राइड, डीप फ्राइड।

A Chinese inside the Indian Hotel
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एक चाइनीज जिसे हिन्दी या इंग्लिश अच्छी तरह नहीं आती थी,

भारत आया और एक रेस्टोरेंट में गया।

वेटर मेन्यु लेकर आया और उस चाइनीज को दिया।

चाइनीज ने मेन्यु को ध्यान से देखा और एक नाम पर उंगली रख के बोला -: 'दिस.. दिस.. डीप.. फ्राइड.. डीप फ्राइड.. फ़ास्ट।'

वेटर ने अपना सिर खुजाया और बोला - 'सर कुछ और आर्डर करे, ये हम आपको नहीं दे सकते।'

चाइनीज - 'नो.. दिस.. दिस.. डीप फ्राइड.. डीप फ्राइड..'

वेटर -: 'सॉरी! कुछ और आर्डर करे “

चाइनीज -: 'यु इंडियन !! ओनली दिस,  फ़ास्ट फ़ास्ट।'

कुछ देर से चल रहे इस सिलसिले को देख कर आखिर रेस्टोरेंट का मेनेजर आ गया और वेटर से बोला -: अरे क्या हुआ? क्यों बहस करते हो? जो मांग रहा है उसे दे दो। 


वेटर बोला - मेनेजर सर ! वो, वो मेन्यु के नीचे लिखे आपके नाम पर ऊँगली रख के मांग रहा है -: डीप फ्राइड, डीप फ्राइड, बोले तो दे दू?


मैनेजर अपना सिर खुजलाता चला गया।


(फेसबुक चुटकुले से प्रेरित)
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गुरुवार, 1 नवंबर 2018

नकली नोट का चक्कर

Fuuny Face
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एक आदमी नकली नोट छापता था।
एक दिन गलती से उसने पन्द्रह रूपये का एक नोट छाप दिया,
अब पन्द्रह रूपये का नोट आता तो है नहीं, तो उसने उस नोट को चलाने के बारे में बहुत सोचा -
'शहर में तो सब समझदार लोग होते हैं अगर ये नोट यहाँ चलाने गया तो,
मैं पकड़ा जाऊंगा, हाँ अगर किसी दूर दराज़ के गाँव में गया तो शायद ये चल जाए।'

यह सोच कर वो बहुत दूर बसे एक छोटे से गाँव में गया।
वहां उसने देखा की एक लोहार लोहे की धौकनी में काम कर रहा हैं।


उसने लोहार से कहा - अरे भाई! मेरे एक नोट का छुट्टा कर दो। “
ये कहकर उसने पंद्रह रुपये का नोट आगे बढ़ा दिया।


लोहार ने अपना हाँथ पोंछा और नोट को पकड़ कर ध्यान से देखने लगा,
साथ ही साथ उसने नोट छापने वाले को भी एक नज़र देखा।


उस आदमी की तो हलक सुख गयी, उसे लगा लगता है लोहार ने पकड़ लिया।
लोहार बोला - 'भाई जी! मेरे पास पंद्रह रूपये शायद ना हो, मैं चौदह रूपये दे सकता हूँ।


नोट छापने वाले ने सोचा - अरे चलो मेरा क्या जाता है, चौदह ही सही।
उसने लोहार से कहा - अब पंद्रह मिलते तो अच्छा होता,
लेकिन कोई बात नहीं लाईये चौदह ही दें दें।

लोहार अन्दर गया और बाहर आकर उसको पैसे पकड़ा दिए।

उस आदमी ने गिनना चाहा तो देखा - सात-सात रूपये के दो नोट हैं।
बिना कुछ कहे वो वहां से चला गया।

(फेसबुक चुटकुले से प्रेरित)

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बुधवार, 31 अक्टूबर 2018

जीवन क्रिकेट है।

 Life is cricket
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जीवन क्रिकेट है,
'इनिंग्स' का अर्थ जीवन है।
'पिच' हमारी कर्मभूमि है।
'कमेंटेटर' हमारे जीवन का सूत्रधार है।
'एम्पायर' भाग्य का विधाता है।
विपक्षी कप्तान यमराज है,
तो 'बॉलर' यमदूत है।
छक्का मरने का अर्थ सफलता प्राप्त करना है।
'आउट' होने का अर्थ मृत्यु को प्राप्त होना है।
जहाँ 'बोल्ड' होने का अर्थ,
प्राण-पखेरू उड़ जाना है।
वहां 'रन आउट' होने का अर्थ,
दुर्घटना का शिकार हो जाना है।
और 'कैच आउट' होने का अर्थ है,
वीर गति को प्राप्त होना।
जबकि 'हिट विकेट' होने का अर्थ है,
आत्महत्या करना।
जीवन क्रिकेट है,
विजय और पराजय, सुख और दुःख है।

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मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018

परदेशी को दिल दे बैठना

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सीन जाना-पहचाना 

भारतीय फिल्म की नायिका अक्सर परदेशी को दिल दे बैठती है। प्रेम के मामले में परदेशी उसकी पहली पसंद होता है। 'मधुमती' फिल्म की मधु हो, चाहे 'राम तेरी गंगा मैली' की गंगा। ऐसी फिल्मों में एक बाबू किस्म का आदमी आता है, जो परदेशी होता है। नायिका उसे पहली नजर में ही दिल दे बैठती है, और वह परदेशी बाबू भी पहली मुलाकात में उसे गर्भवती बना देता है। अब ना जान, ना पहचान, न परदेशी बाबू का पता मालूम। बस, नायिका को पक्का विश्वाश होता है कि उसका परदेशी बाबू एक दिन जरुर आयेगा। 

और साब वह आता भी है , तब तक लड़की की थू-थू होने के बाद, जब उसका बाप आत्महत्या कर लेता है और गाँव वाले उस लड़की को गाँव से निकल देते हैं, तब आता है, पर परदेशी आता जरुर है।

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रविवार, 28 अक्टूबर 2018

हास्य प्रश्नोतरी

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प्रश्न - अगर किसी दुबले-पतले की शादी मोटी से हो जाये तो?
उतर - दो क्विंटल से कम नहीं तोल सके तो तोल।
           किसी-किसी के भाग्य में लिखी ठोस फुटबॉल ।।

प्रश्न - जब चार औरतें आपस में लड़ रही हों तो हमें क्या करना चाहिए?
उतर - नारी-नारी के युद्ध का मजा दूर से लूट।
           जो आ जाए बीच में जाये खोपड़ी फूट।।

प्रश्न - शादी लड़के का दिल देखकर करनी चाहिए या शक्ल देखकर?
उतर - शक्ल-अक्ल को छोड़कर देखो लड़का कोय।
           दिलवाले के साथ वह, मिल वाला भी होय।।

प्रश्न - यदि किसी नेता को कुता काट खाए तो?
उतर - कुते को ले जाइए अस्पताल एटवंश,
           डॉक्टर से लगवाइए चौदह इन्जेक्शन्स।
           चौदह इन्जेक्शन्स नहीं यदि लगवा पाए,
           तो कुता जी भाषण दे देकर मर जाए।।

प्रश्न - भारतीय झंडे में केसरिया रंग हिन्दुओं का, सफेद इसाइयों का और हरा मुसलमानों का माना जाता है, तो सिक्खों का क्या?
उतर - तीन रंग उन तीनों के हैं नीचे लम्बा डंडा है।
           सिक्खों के इस डंडे पर खड़ा देख का झंडा है।।

प्रश्न - शराब गम दूर करने की दवा है, क्या ये बात सच है?
उतर - बेहोशी के दौर में कुछ क्षण गम खो जाए।
           उतर जाए जब नशा तब गम दुगना हो जाए।।

प्रश्न - गालियों का अविष्कार किसने किया?
उतर - जले-भुने या तिरस्कृत ईर्ष्यालु श्रीमान।
           हाथ-पैर में दम नहीं, गाली बके जुबान।।

प्रश्न -  हमारे देश की धरती हीरे-मोती उगलती है तो जनता भूखी क्यों रौती है?
उतर - किसी-किसी पर बीस साड़ियाँ, नहीं किसी पर धोती।
           हीरे-मोती मंत्री चाबे, जनता भूखी रोती।।

प्रश्न - गरीब की ऊँची से ऊँची पढ़ाई भी बेकारी के तूफान से क्यों उड़ जाती है?
उतर - पढ़े-लिखे बेकार हैं, मुर्ख है टिपटॉप।
           राज्यसभा में घुस रहे, कई अंगूठा छाप।।

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शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2018

तुम इन्सान के रूप में देवता हो

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सीन जाना पहचाना :

फिल्मों में किसी ने किसी पर जरा सा अहसान किया नहीं कि वह सामने वाले को देवता बना लेता है। खासकर बुढा आदमीं। तूफानी रात में एक नौजवान एक लड़की को उसके घर पहुँचाने जाता है, तो उस लड़की का बुढा बाप सदियों से एक ही संवाद बोलता आया है, ' बेटा, तुम इन्सान के रूप में देवता हो।'
जवाब में वह नौजवान कहता है, ' जी ये तो मेरा फर्ज था।' 

एक खुबसुरत लड़की को उसके घर पहुंचा देना कोई फर्ज-वर्ज नहीं है। अगर यह फर्ज है, तो दुनिया का हर आदमीं इस फर्ज को निभाने के लिए तेयार मिलेगा, बल्कि दो फर्ज निभाने वाले टकरा गए, तो आपस में कहीं लड़ ना पड़े कि ' ये तो मेरा फर्ज है, इसे मैं निभाऊंगा। तूं कोई और तूफान में फंसी लड़की ढूंढ। 

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बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

इसके दहेज में पांच लाख क्यों?

Surprise
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एक आदमीं के शादी के लायक चार बेटियां थी। जिसके लिए वो लडकों की तलाश में था। एक रोज ऐसा सम्भावित दामाद उसके घर आया तो उसने उसको अपनी चारों लडकियाँ दिखाई।

    "ये कमला है।"  - वो बोला - "जरा काली है।" मैं इसके दहेज के बदले में बीस हजार            रूपये नकद दूंगा।
    "ये विमला है।" - जरा भैंगी  है। इसके दहेज में पचास हजार रूपये दूंगा।
    "ये कांता है।" - जरा लंगड़ी है। मैं इसके दहेज में एक लाख रुपया दूंगा।
     ..... ये पूनम है। इसके दहेज में मैं पांच लाख रूपये दूंगा।

लड़का चौंका।
उसने देखा कि पूनम चारों बहनों में सबसे ज्यादा खुबसूरत थी और अपनी बहनों की तरह भैंगी, लंगड़ी वगेरह भी नहीं थी।
       "जनाब!" - वो हैरानी से बोला - "इसके दहेज में पांच लाख क्यों?"
       "ये" - जवाब मिला, "जरा-सी  गर्भवती है"

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दिलचस्प और सच्ची बातें

Weird things.
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कुछ बातें सुनने या पढ़ने में भले ही अजीब लगती हों, लेकिन होती बहुत दिलचस्प और सच्ची हैं,  आइये इन्हें जानें -
* वाल्ट डिज्नी के नाम से आप सभी लोग परिचित हैं। इन्होने मिकी माउस, डोनाल्ड डक और गुफी जैसी कई कार्टून फ़िल्में बनाई, जो बच्चों और बड़ों का मन मोह लेती है। लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि वाल्ट डिज्नी स्वयं अपने हीरो चूहे (माउस) से बहुत भयभीत रहते थे।

* नेपोलियन की बहादुरी से हम वाकिफ हैं, लेकिन आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि नेपोलियन स्वयं बिल्लियों से डरता था।

* सब्जियों में आपने कददू या काशीफल का नाम सुना और इसे देखा भी होगा। देखने में ये बहुत ही बड़े और भारी-भरकम होते हैं। लेकिन सबसे बड़ा कददू 377 पाउंड का भी हो सकता है। इस बात की जानकारी आपको शायद ना हो।

* विश्व में 350 प्रकार की शार्क [मछली] पाई जाती है।

* डवार्फ नामक शार्क मछली एक साधारण व्यक्ति के हाथ जितनी छोटी होती है, जबकि व्हेल शार्क एक स्कुल बस जितनी बड़ी हो सकती है।

* ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार अंग्रेजी का सबसे बड़ा शब्द ये है - 
Pneumonoultramicroscopicsilicovolcanoconiosos

* विश्व के सबसे कम आयु के माता-पिता 8 और 9 वर्ष के थे। ये जोड़ा 1910 में चीन में रहता था।

* 1,111,111 x 1,111,111 = 1234, 567, 654, 321

* शार्क को विश्व में सबसे अच्छे शिकारियों में से एक माना जाता है। इसके छोटे-छोटे बच्चे भी अपना शिकार स्वयं ही करते हैं।

* बोस्टन युनिवर्सिटी के डाइनिंग रूम में हर सप्ताह 16,580 केले खाए जाते हैं।

* जैसे मानव धरती का शासक है, उसी तरह व्हेल समुद्र की शासक है। हालाँकि मनुष्य शार्क को बहुत खतरनाक समझता है, पर अधिकांश शार्क खतरनाक नहीं होती है।

* शार्क महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों को अपना शिकार अधिक बनाती है। हालाँकि इसका कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो सका है।

* मेंढ़क की टांगों का निर्यात करने वाले सबसे बड़े देश का नाम जापान है।

* भारत में ही नहीं विश्व के लगभग हर देश में फ्लश टॉयलेट का उपयोग होता है। लेकिन इसका अविष्कार किसने किया शायद इस बात की जानकारी बहुत कम लोगों को होगी। फ्लश टॉयलेट का अविष्कार थोम्स क्रपर ने किया था।

* सबसे बड़ी बंदगोभी का वजन 144 पाउंड हो, तो आश्चर्य होना लाजमी है, लेकिन यह बात बिल्कुल सही है।

* औसतन एक टाइपिस्ट की अंगुलियाँ एक दिन में 12.6 मील का सफर तय करती है।

* कोका-कोला का वास्तविक रंग हरा था।

* हमारी भौहों (Eyebrow) में अनुमानत: 550 बाल होते हैं।

* मानव शरीर की सबसे मजबूत मांसपेशी जीभ को माना जाता है।

* डोलफिन मछली एक आँख खोलकर सोती है।

* औसतन एक आदमी छोटी से छोटी लिखावट/चीज को अच्छी तरह पढ़ लेता है।, जबकि एक महिला सुन बहुत अच्छा लेती है।

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 आंकड़े गूगल से लिए गये है , मैंने तो सभी को एक जगह लिखा है सिर्फ आपके लिए

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मंगलवार, 23 अक्टूबर 2018

अच्छा बताओ?

question
पिक क्रेडिट - pixabay
पेश है कुछ अजब-गजब प्रश्नोतर !
प्रश्न :

1. वह कौनसी 'रात' है जो सिर्फ दुल्हे की ही होती है?

2. कौनसा 'यार' सबको नुकसान पहुंचाता  है?

3. 'सुख' और 'दुःख' में क्या फर्क है?

4. कौन 'कान' है, जिसमें मनुष्य रहता है?

5. 'न' ही उसकी शुरुआत है और 'न' ही उसका अंत, फिर भी उससे देखा जाता है?

6. कौशिश से पहले कामयाबी कहाँ मिलती है?

7. कौनसा 'गम' खाने में मजेदार लगता है?

8. एक व्यक्ति कहता है, 'मैं हमेशां झूठ बोलता हूँ', बताओ उसकी बात सच है या झूठ?



उतर :

1. बारात
2. हथियार
3. सिर्फ एक अक्षर का 
4. मकान
5. नयन
6. हिंदी के शब्दकोश में
7. बबलगम
8. झूठ 

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सोमवार, 22 अक्टूबर 2018

कलयुगी पिता पुत्र संवाद।


Father son conversation
पिक क्रेडिट - pixabay

पिता ने पुत्र के चरण स्पर्श किया,
और कहा - क्या आज्ञा  है मेरे लिए,
पुत्र ने कहा - हे चिरंजीव बाप,
उससे पहले की आपसे शुरू करूं वार्तालाप,
एक बीड़ी पिलवाईए, पांव जरा धीरे दबाइये,
माँ के नहीं मेरे पांव है,
पिता ने पुत्र की बीड़ी सुलगाई,
खुद भी खेंच के ऐसी दम लगाई,
की बीड़ी के प्राण पखेरू उड़ गये,
बेटे के होंठ मारे गुस्से के सिकुड़ गये,
बाप से बोला - बदतमीज ,
तूं बाप है या फजीता है,
बेटे के सामने बीड़ी पीता है,
अबे जोरू के गुलाम,
यूँ ही रोशन करेगा बेटे का नाम,
क्या जमाना आ गया है,
बाप, बेटे के सामने बीड़ी पिये,
शर्मदार बेटा कैसे जिये,
बेटा पिये तो कोई बात नहीं,
दमें का मरीज है,
ये भी कोई बाप के पिने की चीज है,
क्यों बे, कलयुग का प्रभाव तुझ पर भी पड़ गया,
मोहल्ले के आवारा बापों में रहकर बहुत बिगड़ गया,
हर हसीन बुढिया से इश्क लड़ाता है,
रिडक्शन का माल बहुत भाता है,
अब यदि किसी बुढिया को प्रेमपत्र लिखा,
मोहल्ले के आवारा बापों के साथ दिखा,
तो ऐसा टॉर्चर पहुंचाऊंगा,
तेरी हर प्रेमिका से, मैं खुद इश्क लड़ाऊंगा,
अबे माठू कैसा सीधा साधा बनके बैठा है,
जैसे कुछ जानता ही नहीं,
घर गृहस्थी का सबक याद किया,
या माँ को बुलाऊं,
माँ भी क्या करेगी?
ये मास्टर जी भी हराम की खाते हैं,
इन बापों को जाने कैसा पढाते हैं,
हम भी सोचते हैं हटाओ,
रोज-रोज कौन धमकाये,
ले दे के एक ही बाप है,
खेलने खाने के दिन है, खाये
मगर बेटे की मर्यादा तो निभाए,
हद हो गई हमारी नर्मी की,
आटा घोलकर पिये जा रहे हैं,
मगर बच्चों को जन्म दिये जा रहे हैं,
मन्दिर में सोते हैं,
राम जाने इनको बच्चे कैसे होते हैं?
बोलो तो डांटता है चुप रहो,
बच्चों का जन्मदाता तो भगवान है,
इसमें हमारा क्या योगदान है,
ये बोल-बोलकर घर भर दिया,
अपने साथ भगवान का चरित्र भी खराब कर दिया,
वह तो अच्छा हुआ,
पहला इश्क कामयाब नहीं हुआ,
सीन कुछ दिन बाद ड्राप होता,
तो आधे हिंदुस्तान का बाप होता,
सुबह शाम खाते हैं, झिड़की,
मगर जब भी खुलती है सामने वाली खिड़की,
जरुर देखते हैं,
मेरा यार छुप-छुपकर ऐसी मस्करी करेगा,
हाजी मस्तान भी क्या तस्करी करेगा,
रोज सब्जी लेने जाते हैं,
और एक बच्चे को बेचकर आते हैं,
महंगाई का ये हाल है,
उस पर ये कमाल है,
आजकल कविता करते हैं,
नायिका के नख-शिख के वर्णन पर आंहे भरते हैं,
कहते है- हे कोमलकांत पदावली,
तेरे सारे पुर्जे मिल गये, मगर कमर नहीं मिली,
खुद लापता है मगर कमर की तलाश है,
आजकल का बाप भी कितना बदमाश है,
अबे सावन के अंधे,
यथार्थ के धरातल पर आ,
फिर कल्पना की वादियों में जा लेटा,
बाप ने कहा बेटा,
इस इक्कीसवीं सदी की नालायक सभ्यता का त्रास हूँ,
दुर्भाग्य से तू मेरा बेटा,
और सौभाग्य से मैं तेरा बाप हूँ,
अतीत हमेशां वर्तमान से हारा है,
शेख मुजीब को हमेशा उसके बेटों ने मारा है।


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रविवार, 21 अक्टूबर 2018

ईमानदार गरीब माँ

filmy fun fact
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फिल्मों में सम्बन्ध भेद 

फ़िल्मी गरीबी का ईमानदारी से गहरा रिश्ता होता है। जैसे दुनियाभर की ईमानदारी का ठेका उसके ही पास हो। एक गरीब फ़िल्मी माँ है। उसका एक गरीब बेटा है। बेटा स्मगलिंग करके चार पैसा कमाने लगता है। ज्यों ही माँ को मालूम पड़ता है, तो बुढिया ऐसे बिफरती है की पूछो ही मत, 'जा अपने आपको कानून के हवाले कर दे।' अरे! पुलिस कौनसी दूध की धूली है। बेचारा बेरोजगार था। एक धंधा सामने दिख गया, सो करने लगा। जमाने के साथ चल रहा है। धंधा बुरा है, तो ज्यादा से ज्यादा लडके को समझा दे कि बेटा, आइन्दा से यह काम मत करना, लेकिन नहीं, कहेगी, "मैं इस पैसे को हाथ भी नहीं लगाउंगी। मैं तुम्हारा घर छोड़ दूंगी।"
फिर वह किसी स्मगलर के घर बर्तन साफ कर लेगी, लेकिन स्मगलर बेटे का दिया नहीं खाएगी।

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शनिवार, 20 अक्टूबर 2018

नेताजी का भाषण।

politician speech
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बुधसिंह नाम के एक निपट गंवार और कतई अनपढ़ सज्जन एक सुरक्षित सीट पर चुनाव में खड़े हो गये। एक बार उनको उनके हिमायतियों की तरफ से कहा गया कि वे स्टेज पर भाषण दें। 

"मैंने कभी भाषण नहीं दिया।" - बुधसिंह जी घबराकर बोले - "मैं भाषण में क्या कहूँगा?"
"अरे कुछ भी कह देना।" - उन्हें राय दी गई - "एक बार बोलना शुरू करोगे तो देख लेना अपने आप बात में से बात निकलती जाएगी।"

बुधसिंह जी को ये बात जँच गई। वे भाषण देने के लिए स्टेज पर पहुंचे। उन्होंने जो भाषण दिया वह इस प्रकार था --

"भाइयों और बहनों, आप सबको मालूम ही है कि पंडित जवाहर लाल नेहरु हिंदुस्तान के बहुत बड़े नेता हुए हैं। उन्हें गुलाब का फूल बहुत पसंद था। गुलाब से गुलकंद बनती है। गुलकंद खांसी ठीक करती है। खांसी भाइयों और बहनों, हर बीमारी की जड़ होती है। जड़ खरबूजे की लम्बी होती है। खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है। रंग जर्मनी के मशहूर होते हैं। जर्मनी ने कई वार लड़ी थी। वार कई तरह के होते हैं। जैसे सोमवार, मंगलवार, बुधवार और भाइयों और बहनों, मेरा नाम बुधसिंह है, इसलिए आप अपना वोट मुझे ही दें। धन्यवाद!"

===*===*=== अंतर्जाल से साभार ===*===*===

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विलन का नृत्य प्रेम

कहानी पूरी फ़िल्मी है
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फिल्मों में सम्बन्ध भेद 

कहते हैं, जो आदमी जितना बुरा होता है, वह उतना ही ज्यादा कला से दूर होता है, लेकिन हमारी फिल्मों के विलन का नृत्य कला से गहरा रिश्ता होता है। नाचती हुई हिरोइन के एक-एक भाव और भंगिमा को वह कला समीक्षक की तरह देखता है। हिरोइन का एक नृत्य देखने के लिए वह कई-कई लोगों को अपहरण करके बांध देता है और उसे नाचने के लिए मजबूर करता है।

विलन के इस तरीके की आप बुराई कर सकते हैं, लेकिन उसके नृत्य प्रेम की तारीफ करनी चाहिए। पुलिस उसे अरेस्ट करने के लिए पहुंचने ही वाली है। हीरो उसे यमलोक भेजने के लिए बस आने ही वाला है।

इन सभी बातों से वो वाकिफ भी है। इसके बावजूद वह जिस समर्पण भाव से नृत्य देखता रहता है, वह उसे नृत्य में योगदान देने वालों की अगली कतार में खड़ा करता है। 

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