बुधवार, 17 अक्तूबर 2018

अन्तर्मुखी प्रेम

कहानी पूरी फ़िल्मी है
पिक्चर क्रेडिट - pixabay

कहानी पूरी फ़िल्मी है, इस श्रेणी में पुरानी और नई फिल्मो के हास्य पल लिखूंगा, आशा है आपको पसंद आयेंगे।

फिल्मों में प्रेमी भेद

फिल्मों में अन्तर्मुखी प्रेमी वह प्रेमी होता है , जो या तो प्रेम का इजहार करने में देरी कर जाता है या बिलकुल ही नहीं कर पाता। यह दूर से लड़की को देखता रहता है और अंदर ही अंदर खुश होता रहता है। ऐसे प्रेमी-प्रेमिका को घर से भगा ले जाने की बात तो दूर रही, सिनेमा दिखने के लिए ले जाने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाते। उधर ऐसे प्रेमियों की प्रेमिकाएं भी कमबख्त जरूरत से ज्यादा अन्तर्मुखी होती है। प्रेमी के साथ किताबों के आदान-प्रदान में, हाव-भाव में, पट्ठी को सब समझ में आ रहा होता है कि अगला अपन पर लट्टू है, लेकिन कह नहीं पा रहा।

अरे भई, वह जुते पड़ने के डर से नहीं कह रहा है, तो तूं ही कह दे। लड़का शरीफ है। तेरा घर भी बस जायेगा और बाप का दहेज भी बच जायेगा। ऐसे प्रेमी अपने प्रेम का इजहार लव लैटर लिख कर करते हैं।

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