बुधवार, 17 अक्तूबर 2018

यमराज और नारद जी

यमराज और नारद जी - हास्य कविता
पिक्चर क्रेडिट -  pixabay


गौर कीजिए 

नारद जी ने
यमराज से पूछा -
जग में असंख्य मौतें होती है
क्या उनके परिजनों की चीत्कार से
आपका दिल नहीं दहलता
जब लोग फूट-फूट कर रोते हैं,
तब आप चैन से कैसे सोते हैं?
क्या आपका घर संवेदना प्रूफ है?

यमराज ने हंसकर कहा -
नारदजी! लगता है 
आपकी अक्ल ने भांग खाई है,
मेरा महल 
उसी कारीगर ने बनाया है
जिसमे भारत की संसद बनायीं है।
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